युवराज सिंह की पूरी कहानी: बचपन, क्रिकेट करियर, रिकॉर्ड, कैंसर और वापसी

युवराज सिंह की विस्तृत जीवनी—बचपन, परिवार, अंतरराष्ट्रीय करियर, छह छक्के, विश्व कप जीत, कैंसर से संघर्ष, वापसी, रिकॉर्ड, संन्यास और विरासत।

By Jatin Sharma · 24 Aug 2026, 12:34 PM · 17 मिनट · 11 views
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CrickTimes Player Profile
युवराज सिंह
फोटो: Riana / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)
🇮🇳 भारत के महान ऑलराउंडर

युवराज सिंह

छक्कों के बादशाह, 2011 विश्व कप के हीरो और क्रिकेट से कैंसर तक की लड़ाई जीतकर लौटे भारतीय ऑलराउंडर
बाएं हाथ के बल्लेबाज
बाएं हाथ के स्पिनर
भारत
2000–2017
2011 Player of the Tournament
युवराज सिंह कौन हैं?

युवराज सिंह भारत के पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर और बाएं हाथ के विस्फोटक ऑलराउंडर हैं। उन्होंने भारत को 2007 ICC World Twenty20 और 2011 ICC Cricket World Cup में महत्वपूर्ण योगदान दिया। 2011 विश्व कप में उन्हें Player of the Tournament चुना गया, जहां उन्होंने 362 रन और 15 विकेट लिए। :contentReference[oaicite:2]{index=2}

युवराज सिंह का पूरा परिचय

पूरा नाम युवराज सिंह
जन्म तारीख 12 दिसंबर 1981
जन्म स्थान चंडीगढ़, भारत
बल्लेबाजी बाएं हाथ से
गेंदबाजी बाएं हाथ की स्पिन
भूमिका ऑलराउंडर
अंतरराष्ट्रीय डेब्यू 2000
अंतरराष्ट्रीय करियर 2000–2017

बचपन और परिवार

युवराज सिंह का जन्म 12 दिसंबर 1981 को चंडीगढ़ में हुआ। वह ऐसे परिवार से आते हैं जिसका संबंध खेल और विशेष रूप से क्रिकेट से रहा है।

बचपन से ही युवराज में क्रिकेट के साथ-साथ खेलों के प्रति गहरी रुचि थी। उनकी शुरुआती परवरिश में खेल को लेकर अनुशासन और प्रतिस्पर्धा का बड़ा प्रभाव रहा।

बाद में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी, तेज फील्डिंग और उपयोगी बाएं हाथ की स्पिन ने उन्हें भारतीय टीम के एक अलग तरह के ऑलराउंडर के रूप में स्थापित किया।

पिता योगराज सिंह का प्रभाव

युवराज के पिता योगराज सिंह पूर्व भारतीय क्रिकेटर रहे हैं। उन्होंने युवराज के शुरुआती क्रिकेट प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

योगराज सिंह का प्रशिक्षण दृष्टिकोण बेहद अनुशासन-केंद्रित और प्रतिस्पर्धी था। युवराज ने कई अवसरों पर अपने शुरुआती दिनों और पिता द्वारा दिए गए क्रिकेट प्रशिक्षण के बारे में बात की है।

महत्वपूर्ण: युवराज के क्रिकेट विकास में उनके पिता की भूमिका महत्वपूर्ण थी, लेकिन उनकी अंतरराष्ट्रीय सफलता में बाद के coaches, teammates, fitness staff और स्वयं उनकी मेहनत का भी बड़ा योगदान रहा।

अंडर-19 क्रिकेट और राष्ट्रीय टीम तक पहुंच

युवराज ने युवा स्तर पर भारत के लिए शानदार प्रदर्शन किया। 2000 में उन्होंने ICC Under-19 World Cup में भारत की विजेता टीम का हिस्सा बनकर अपनी पहचान बनाई।

उनके प्रदर्शन ने selectors का ध्यान खींचा और जल्द ही उन्हें भारतीय senior team में जगह मिली।

युवा क्रिकेट से भारत तक: Under-19 स्तर पर सफलता ने युवराज को international cricket की ओर तेजी से आगे बढ़ाया।

2000 — भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय डेब्यू

युवराज सिंह ने 2000 में Kenya के खिलाफ ODI क्रिकेट में भारत के लिए पदार्पण किया।

उसी वर्ष ICC KnockOut Tournament में Australia के खिलाफ उनकी शानदार 84 रन की पारी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी बल्लेबाजी क्षमता की ओर दुनिया का ध्यान आकर्षित किया।

युवा उम्र में ही उनकी timing, power-hitting और fielding ने उन्हें भारतीय टीम का रोमांचक नया चेहरा बना दिया।

2002 NatWest Series — Lord's में यादगार पल

2002 में England के खिलाफ NatWest Series के फाइनल में युवराज सिंह और मोहम्मद कैफ ने भारत को बेहद कठिन स्थिति से निकालकर ऐतिहासिक जीत दिलाई।

भारत का लक्ष्य बड़ा था और शुरुआती विकेट गिरने के बाद युवराज और कैफ ने महत्वपूर्ण साझेदारी की।

Lord's Balcony Moment: भारत की जीत के बाद कप्तान सौरव गांगुली द्वारा Lord's balcony में जर्सी लहराने वाला दृश्य भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रसिद्ध moments में से एक बन गया।

इस मैच ने युवराज को भारत के pressure-game players में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

2007 T20 World Cup — युवराज का विस्फोटक दौर

2007 का पहला ICC World Twenty20 युवराज सिंह के करियर का निर्णायक अध्याय बना।

England के खिलाफ Durban में उन्होंने Stuart Broad के एक over में छह छक्के लगाए। वह T20I क्रिकेट में एक over में छह छक्के लगाने वाले पहले बल्लेबाज बने।

SIXES
6
Stuart Broad के एक over में
FIFTY
12 गेंद
उस समय T20I इतिहास का सबसे तेज अर्धशतक
SCORE
58
सिर्फ 16 गेंदों में

ICC के अनुसार यह पारी T20 क्रिकेट के सबसे iconic moments में से एक है। उसी टूर्नामेंट में युवराज ने Australia के खिलाफ semifinal में 30 गेंदों पर 70 रन बनाए। :contentReference[oaicite:3]{index=3}

छह गेंद, छह छक्के — क्रिकेट इतिहास का अमर पल

19 सितंबर 2007 को Durban में England के खिलाफ मैच में युवराज ने Stuart Broad के 19वें over की हर गेंद पर छक्का लगाया।

गेंद नतीजा पारी का प्रभाव
1 छक्का हमला शुरू
2 छक्का लगातार दूसरा छक्का
3 छक्का तीन लगातार
4 छक्का चार लगातार
5 छक्का पांच लगातार
6 छक्का छह में छह
रिकॉर्ड: युवराज ने केवल 12 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और 16 गेंदों में 58 रन बनाए। ICC के अनुसार पुरुषों के T20I क्रिकेट में 12 गेंदों का यह fastest fifty record आज भी कायम है। :contentReference[oaicite:4]{index=4}

2011 World Cup — युवराज सिंह का सबसे बड़ा टूर्नामेंट

2011 ICC Cricket World Cup युवराज सिंह के करियर का सबसे महत्वपूर्ण टूर्नामेंट साबित हुआ।

उन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से भारत के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। पूरे टूर्नामेंट में युवराज ने 362 रन बनाए और 15 विकेट लिए।

RUNS
362
World Cup 2011
WICKETS
15
महत्वपूर्ण middle-overs wickets
AWARD
POT
Player of the Tournament

BCCI के tournament data के अनुसार युवराज को चार Player of the Match awards मिले और वह Player of the Tournament बने। :contentReference[oaicite:5]{index=5}

Ireland के खिलाफ उन्होंने 5/31 लेकर अपनी bowling क्षमता दिखाई और कई मैचों में batting के साथ fielding में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।

2011 World Cup का महत्व: युवराज के लिए यह केवल एक trophy जीतना नहीं था। यह उनके career का ऐसा टूर्नामेंट था जिसमें उन्होंने batting, bowling और fielding — तीनों क्षेत्रों में निर्णायक भूमिका निभाई।

2011 के बाद — बीमारी और कैंसर की लड़ाई

VERIFIED CAREER HISTORY

2011 World Cup के बाद युवराज की health problems सामने आईं। बाद में उन्हें mediastinal seminoma नामक germ-cell tumour का diagnosis मिला।

ICC के अनुसार यह tumour दोनों lungs के बीच स्थित था और युवराज ने अमेरिका में chemotherapy treatment कराया। :contentReference[oaicite:6]{index=6}

बीमारी के दौरान उनके cricket career पर बड़ा असर पड़ा। लेकिन युवराज ने उपचार के बाद वापसी का लक्ष्य बनाए रखा।

एक कठिन मोड़: 2011 World Cup जीतने और Player of the Tournament बनने के कुछ ही समय बाद युवराज को cancer diagnosis का सामना करना पड़ा। यह उनके जीवन और career दोनों का सबसे कठिन चरण था।
Editorial note: यह section केवल publicly documented career history को बताता है। निजी medical details या अपुष्ट health claims को CrickTimes verified fact के रूप में प्रकाशित नहीं करता।

कैंसर के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी

उपचार के बाद युवराज ने competitive cricket में वापसी की और भारतीय टीम में दोबारा जगह बनाई।

2012 में उनकी वापसी एक प्रेरणादायक sporting comeback के रूप में देखी गई। उन्होंने कैंसर के इलाज के बाद फिर से international cricket खेला।

Comeback का संदेश: युवराज की कहानी में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि गंभीर बीमारी के बाद उन्होंने professional cricket में वापसी की और अपने खेल करियर को आगे बढ़ाया।

युवराज सिंह के अंतरराष्ट्रीय करियर के आंकड़े

TEST
1,900+
40 टेस्ट मैच
ODI
8,700+
304 ODI मैच
T20I
1,177
58 T20I मैच
फॉर्मेट मैच रन 100 50 सर्वोच्च
टेस्ट 40 1,900+ 3 11 169
ODI 304 8,701 14 52 150
T20I 58 1,177 0 8 77*
नोट: आंकड़े युवराज के retired international career के हैं और इसलिए अब बदलते नहीं हैं।

युवराज सिंह के प्रमुख रिकॉर्ड और उपलब्धियां

एक T20I over में छह छक्के Stuart Broad के खिलाफ 2007 में छह गेंदों पर छह छक्के।
12-ball T20I fifty 2007 में 12 गेंदों में अर्धशतक।
2011 World Cup Player of the Tournament 362 रन और 15 विकेट।
World Cup 2011 — 4 Player of the Match awards भारत की title-winning campaign में निर्णायक भूमिका।
2011 में batting + bowling impact बल्ले और गेंद दोनों से मैच बदलने वाला प्रदर्शन।
ODI में 8,701 रन भारत के सफल middle-order बल्लेबाजों में प्रमुख स्थान।
ODI में 111 विकेट उपयोगी left-arm spin के जरिए महत्वपूर्ण योगदान।
भारत के दो World Cup-winning campaigns 2007 T20 World Cup और 2011 ODI World Cup।

IPL में युवराज सिंह

युवराज सिंह IPL के शुरुआती और सबसे चर्चित Indian stars में शामिल रहे। उन्होंने अलग-अलग franchises के लिए खेलते हुए अपनी power-hitting और all-round ability दिखाई।

Kings XI Punjab Pune Warriors India Royal Challengers Bangalore Delhi Daredevils Sunrisers Hyderabad Mumbai Indians

IPL में उनका career कई franchises तक फैला रहा और उन्होंने विभिन्न टीमों में middle-order batting तथा left-arm spin के विकल्प के रूप में योगदान दिया।

IPL पहचान: युवराज की popularity केवल international cricket तक सीमित नहीं रही। IPL ने उनकी power-hitting को नई audience तक पहुंचाया।

युवराज सिंह से जुड़े प्रमुख विवाद और आलोचनाएं

चोट और fitness को लेकर सवाल

CAREER DISCUSSION

युवराज के करियर में injuries और fitness issues कई बार चर्चा का विषय रहे। विशेष रूप से 2011 के आसपास fitness, health और workload ने उनके career को प्रभावित किया।

टीम से अंदर-बाहर होने पर बहस

PERFORMANCE DEBATE

वापसी के बाद युवराज को भारतीय टीम में स्थायी जगह बनाए रखने के लिए लगातार प्रतिस्पर्धा करनी पड़ी। चयन, form और fitness को लेकर क्रिकेट experts के बीच अलग-अलग राय रही।

संन्यास के बाद बयान और चयन संबंधी चर्चाएं

PUBLIC DISCUSSION

युवराज ने अपने career और selection से जुड़े अनुभवों पर समय-समय पर सार्वजनिक रूप से अपनी राय रखी है। इन बयानों पर क्रिकेट प्रशंसकों और मीडिया में चर्चा हुई।

CrickTimes Editorial Rule: किसी खिलाड़ी के बयान, disagreement या selection debate को “controversy” कहने से पहले उसका original context और source देखना जरूरी है।

अफवाहें और सोशल मीडिया चर्चाएं

UNCONFIRMED CLAIMS

युवराज सिंह जैसे लोकप्रिय खिलाड़ियों के बारे में सोशल मीडिया पर समय-समय पर retirement, health, personal life और cricket comeback से जुड़े कई दावे दिखाई देते रहे हैं।

CrickTimes बिना credible source के ऐसे claims को confirmed information के रूप में प्रकाशित नहीं करता।

विशेष रूप से health-related rumours: युवराज की वास्तविक cancer journey publicly documented है, लेकिन उनके वर्तमान स्वास्थ्य या treatment से जुड़े किसी नए दावे को credible source के बिना fact नहीं माना जाना चाहिए।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास

युवराज सिंह ने जून 2019 में international cricket से retirement की घोषणा की।

ICC ने उनके retirement के समय उनके career को 2007 T20 World Cup और 2011 World Cup की भारत की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका से जोड़ा। :contentReference[oaicite:7]{index=7}

एक असाधारण करियर का अंत: छह छक्कों से लेकर World Cup Player of the Tournament और cancer comeback तक, युवराज का career भारतीय क्रिकेट की सबसे dramatic journeys में से एक रहा।

YouWeCan और संन्यास के बाद युवराज

अपनी cancer journey के बाद युवराज ने cancer awareness, prevention और support से जुड़े सामाजिक कार्यों पर भी ध्यान दिया।

उनके नाम से जुड़ी YouWeCan initiative cancer से प्रभावित लोगों के लिए awareness और support के उद्देश्य से काम करती है।

क्रिकेट से आगे: युवराज की post-cricket identity केवल former cricketer तक सीमित नहीं है। उनकी personal health journey ने उन्हें cancer awareness के क्षेत्र से भी जोड़ा।

युवराज सिंह की बल्लेबाजी और गेंदबाजी शैली

युवराज की सबसे बड़ी ताकत उनकी power-hitting थी। वह विशेष रूप से spin और pace दोनों के खिलाफ बड़े shots खेलने में सक्षम थे।

उनका wristy batting style, lofted drives और straight hitting उनकी पहचान बने। इसके साथ उनकी left-arm spin उन्हें genuine all-round option बनाती थी।

Power Hitting Left-Hand Batting Six Hitting Left-Arm Spin Athletic Fielding Middle Order Big Match Player

युवराज सिंह की विरासत

युवराज सिंह की विरासत केवल उनके statistics से नहीं समझी जा सकती। उनका career ऐसे moments से भरा है जिन्होंने भारतीय क्रिकेट की लोकप्रिय संस्कृति को प्रभावित किया।

2007 में छह छक्के, 2011 World Cup में Player of the Tournament, बीमारी के बाद international comeback और फिर retirement — उनकी कहानी में sporting success के साथ extraordinary resilience भी दिखाई देती है।

युवराज का legacy moment: जब 2011 World Cup के दौरान वह भारत के लिए मैच बदल रहे थे, तब शायद बहुत कम लोग जानते थे कि वह अपने जीवन की एक बड़ी व्यक्तिगत लड़ाई की ओर भी बढ़ रहे थे।

युवराज सिंह का पूरा करियर टाइमलाइन

1981

जन्म

12 दिसंबर 1981 को चंडीगढ़ में जन्म।

2000

Under-19 World Cup

भारत की Under-19 World Cup विजेता टीम का हिस्सा।

2000

International Debut

Kenya के खिलाफ ODI debut।

2000

Australia के खिलाफ breakthrough innings

ICC KnockOut में 84 रन की प्रभावशाली पारी।

2002

NatWest Series Final

Lord's में मोहम्मद कैफ के साथ महत्वपूर्ण partnership और भारत की यादगार जीत।

2007

पहला T20 World Cup

भारत ने inaugural ICC World Twenty20 जीता।

2007

छह छक्के

Stuart Broad के एक over में छह छक्के।

2007

12-ball fifty

12 गेंदों में अर्धशतक और 16 गेंदों में 58 रन।

2007

Australia के खिलाफ 70

T20 World Cup semifinal में 30 गेंदों पर 70 रन।

2011

World Cup Champion

भारत ने ODI World Cup जीता।

2011

Player of the Tournament

362 रन और 15 विकेट के साथ Player of the Tournament।

2011–12

Health crisis

World Cup के बाद mediastinal seminoma का diagnosis और cancer treatment।

2012

International comeback

Cancer treatment के बाद international cricket में वापसी।

2017

अंतिम अंतरराष्ट्रीय चरण

भारतीय टीम के लिए उनका international career अपने अंतिम दौर में पहुंचा।

2019

International Retirement

जून 2019 में international cricket से retirement की घोषणा।

2020s

Social Impact

Cancer awareness और YouWeCan जैसे सामाजिक प्रयासों पर ध्यान।

युवराज सिंह से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

युवराज सिंह का जन्म कब हुआ था?
युवराज सिंह का जन्म 12 दिसंबर 1981 को चंडीगढ़ में हुआ था।
युवराज सिंह के पिता कौन हैं?
उनके पिता पूर्व भारतीय क्रिकेटर योगराज सिंह हैं।
युवराज सिंह किस तरह के क्रिकेटर थे?
वह बाएं हाथ के बल्लेबाज और बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज ऑलराउंडर थे।
युवराज ने भारत के लिए कब डेब्यू किया?
उन्होंने 2000 में Kenya के खिलाफ ODI क्रिकेट में debut किया।
युवराज ने एक over में छह छक्के कब लगाए?
19 सितंबर 2007 को England के खिलाफ Stuart Broad के over में छह छक्के लगाए।
युवराज ने छह छक्के किस गेंदबाज के खिलाफ लगाए?
उन्होंने England के Stuart Broad के एक over में छह छक्के लगाए।
छह छक्कों वाली पारी में युवराज ने कितने रन बनाए?
उन्होंने 16 गेंदों में 58 रन बनाए।
युवराज ने कितनी गेंदों में T20I fifty बनाई?
उन्होंने केवल 12 गेंदों में अर्धशतक बनाया।
क्या युवराज ने 2011 World Cup जीता था?
हां। युवराज भारत की 2011 World Cup विजेता टीम के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल थे।
2011 World Cup में युवराज ने कितने रन बनाए?
उन्होंने 362 रन बनाए।
2011 World Cup में युवराज ने कितने विकेट लिए?
उन्होंने 15 विकेट लिए।
क्या युवराज 2011 World Cup के Player of the Tournament थे?
हां। उन्हें Player of the Tournament चुना गया था।
2011 World Cup में युवराज को कितने Player of the Match awards मिले?
उन्हें चार Player of the Match awards मिले।
युवराज को कौन सा cancer हुआ था?
उन्हें mediastinal seminoma नामक germ-cell tumour का diagnosis हुआ था।
क्या युवराज cancer treatment के बाद क्रिकेट में लौटे?
हां। treatment के बाद उन्होंने competitive और international cricket में वापसी की।
युवराज ने international cricket से retirement कब लिया?
उन्होंने जून 2019 में international cricket से retirement की घोषणा की।
युवराज के ODI में कितने रन हैं?
युवराज ने 304 ODI में 8,701 रन बनाए।
युवराज का ODI में highest score क्या है?
उनका highest ODI score 150 रन है।
युवराज ने कितने ODI शतक बनाए?
उन्होंने ODI क्रिकेट में 14 शतक बनाए।
युवराज ने कितने Test मैच खेले?
उन्होंने 40 Test मैच खेले।
युवराज ने कितने T20I मैच खेले?
उन्होंने 58 T20I मैच खेले।
क्या युवराज 2007 T20 World Cup टीम में थे?
हां। वह भारत की inaugural T20 World Cup विजेता टीम के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल थे।
2007 T20 World Cup में युवराज की सबसे प्रसिद्ध पारी कौन सी थी?
England के खिलाफ 16 गेंदों में 58 रन, जिसमें Stuart Broad के एक over में छह छक्के शामिल थे।
क्या युवराज ने Australia के खिलाफ 2007 semifinal में भी अच्छा खेला?
हां। उन्होंने semifinal में 30 गेंदों में 70 रन बनाए।
युवराज की bowling कैसी थी?
वह बाएं हाथ के orthodox spinner थे और middle overs में उपयोगी wickets दिलाते थे।
युवराज सिंह की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या मानी जाती है?
2011 World Cup में Player of the Tournament बनना, 2007 T20 World Cup में छह छक्के और 12-ball fifty, तथा cancer के बाद international comeback उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं।
क्या युवराज अभी international cricket खेलते हैं?
नहीं। उन्होंने 2019 में international cricket से retirement ले लिया था।
YouWeCan क्या है?
YouWeCan युवराज सिंह से जुड़ी cancer awareness और social-impact initiative है।
युवराज की सबसे प्रसिद्ध nickname क्या है?
उन्हें क्रिकेट प्रशंसक अक्सर “Yuvi” के नाम से बुलाते हैं।
क्या युवराज को 2011 World Cup में Player of the Match awards मिले थे?
हां। उन्हें चार Player of the Match awards मिले थे।

CrickTimes Editorial Note

युवराज सिंह का international career समाप्त हो चुका है, इसलिए उनके career statistics स्थायी हैं। हालांकि उनके post-retirement activities, public appearances, social initiatives और cricket-related roles समय के साथ बदल सकते हैं।

CrickTimes health-related information को केवल credible sources के आधार पर प्रकाशित करने की नीति रखता है। किसी व्यक्ति की बीमारी, treatment या वर्तमान health के बारे में social-media rumours को verified information नहीं माना जाना चाहिए।

📌 प्रमुख स्रोत

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